Tuesday, October 3, 2023

कभी पुश - कभी पुल

तुम्हें महलों की दरकार थी,

पर मैं तो झोपड़ी में खुश था। 


तुम जमीन के सौदे करते गए,

इधर इस धरती ने मुझे खरीद लिया। 

तुम जहाजों में सफर करो,

मैं तो बादलों में ही खो गया।

तुम हवाओं में महल बनाते रहे,

मैंने जंगल की दौलत को कबूल किया। 

तुम माया के मेलों के मजे लो, 

मैं तो शून्य में बस के भस्म हुआ।  


पुश करते चले तुम सारी ज़िंदगी,

पर मकसद तो साला पुल था। 

Bad Trips of Life

Craved ingestion, makes the mind fly wild – 
Rapid bursts of shock and surprise.  
Fear and horror that turns me pale –
Steely knives, beds of blood-stained nails.
 
The cornered heart did, what it always does –
    went and shared with her in simple words.
The cries of help from the innocent one inside –
    feelings exposed, nothing left to hide.
 
She responds, as she always does –
    unconditional understanding that breaks the curse.
As the body exhales the molten steel –
    her love shine, the violence heals.
 
As our love expands, to the worlds beyond –
    your heartfelt words ignite our bond.
So I learn again through this rough ride –
    my biggest blessing, is having you by my side.
 
When together we’re strong, we always prevail –
    despite embellishments of knives and nails.
We’ll keep turning our worries and freakouts around –
    growing like children, as joy abounds... 

Friday, September 29, 2023

कुछ बातें सितारों कीं


क्या मनहूस घड़ी में तुमसे मिलना हुआ?

अच्छा भला जल रहे थे हम यहाँ!

आते ही तुमने माहौल को ठंडा कर दिया,

हमारा भस्म होना और मुश्किल हो गया।।। 

 


थोड़ी देर से सही, बात आई हमें समझ,

जब बैठे चाँद के नीचे, दो भाई हम सहज।

कि तुम संग, भूले हम, चाहत जलने की,

समय भी ठहरा, देख,  बहती लहरों की आवारगी।।। 

 


आखिर है यह ठंडक भी, देन उसी ब्रह्मांड की,

यह ठहराव भी है जरूरी, मर मिटना तो है ही।

भूलो तुम भी खुदको, छोड़ो, यह डर है नकली,

आओ करें अब तांडव, इस नाच में ही है ज़िंदगी।।।  


PS - The theoretical physicist brother of mine had explained the binary star systems, wherein despite being pulled back by the forced around, they continue to stick around. Moving through the universe in their own orbits, together. This poem sees it as an ever-ongoing relationship betwen the masculine and the feminine. Here a masculine star is talking to his feminine counterpart. 



क्या मायने?

तू है कहीं।

मैं हूँ कहीं।

हमें तो बस है जोड़ती,

हवस मर मिटने की।

 

शब्द मेरे, या विचार तेरे,

क्या मायने?

प्रश्न तेरे, या उत्तर मेरे,

क्या मायने?

डर तेरे, या सपने मेरे,

क्या मायने?

 

क्या मायने की अलग है अपनी जिंदगी?

जब तू भी यहीं।

और मैं भी यहीं। 


PS: We keep looking for friendships, often unseeing the people around. 

Thursday, September 21, 2023

ओ मेरे फकीर

आया था तेरे दरबार मैं, दुनिया की चाहत ले कर,
भर दी झोली मेरी तूने, माया की शोहरत दे कर। 
आज, फिर एक अरसे बाद आया मैं, 
शोहरत भरी यह झोली ले कर।। 
 
समर्पित तेरे चरणों में, 
मेरे मुखौटों को तू स्वीकार कर।
कर दे आज विदा तू मुझे,
अपनी थोड़ी सी फकीरियत दे कर।।  

काँटों को फूल बना दे, 
तेरी स्वीकार्यता में थी ऐसी ताकत।
तेरे फटे तलवे से भी थी चमकती,
तेरे फकीरी की बादशाहत।। 

क्या वजीर, क्या राजा, और क्या कोई रक्षक,
आज न्यायाधीश भी तेरे चरणों में नगमस्तक।
दिलों में सबके दे प्रेम की दस्तक,
ऐसी मेरे फकीर की ताकत।।   



PS - Written after a recent rendezvous with Shirdi's Sai Baba. 



इमली की चुस्की

वो इमली की चुस्की,
वो जीने की चाहत,
वो अपनों की जरूरत,
और मौत की फुसलाहट। 

आज ये सब लड़े थे,
इस बंद कमरे में,
इक सिकुड़ती रज़ाई के अंदर।
 
जब वास्तविकता के तूफ़ानी थपेड़े,
थक गए नाजुक उम्मीदों के आगे,
तब हुआ वही जो तय किया था उसने
 
इस मौत के शून्य में,
जाने कब हुई मेरी देवी प्रकट - 
एक इमली की चुस्की से,
उस टूटे शरीर में उसने भर दी ताकत। 
उन टूटे दिलों  में, बना ली अपनी बसाहट।। 


PS: Dedicated to all the caregivers out there. There is huge power in our hopes. Keep hoping. 




Tuesday, June 20, 2023

चिंता मत कर

सब अच्छा होगा,
उनके लिए जो हो अच्छा, वही होगा,
चिंता मत कर, सब अच्छा होगा ।।   
 
तेरी नकली खुशी, दबे हुए आसुओं से कुछ ना होगा,
जो वो तय करेगा, वही तो होगा,
चिंता मत कर, सब अच्छा होगा ।।  
 
इन कमजोर उम्मीदों, अधमरी हारों से भी कुछ ना होगा,
तेरी कोशिशों से नहीं, उसके इशारों से ही समय चलेगा,
चिंता मत कर, सब अच्छा होगा ।।  
 
चाहे हो जीना या उसमें विलीन हो जाना,
क्या है बेहतर, वोह निर्णय करेगा,
चिंता मत कर, सब अच्छा होगा ।।  
 
जो होना होगा वही तो होगा
देखना बस है, कि तू कितना समझ सकेगा,
चिंता मत कर, सब अच्छा होगा ।। 

समझ रहा है ना?
उनके लिए जो हो अच्छा, वही होगा,
अब तू चिंता मत कर, सब अच्छा ही होगा ।।  
 


PS: Dedicated to all the caregivers out there. Everything is as per his plan. Acceptance is a choice.




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